सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर मां गंगा बंजी जंपिंग स्थल सील, कौन है एसडीएम पंकज भट्ट पढ़िए रिपोर्ट
**टिहरी गढ़वाल, 16 अक्टूबर 2026:** मूल्यागांव स्थित मां गंगा बंजी जंपिंग स्थल पर सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर **उप जिलाधिकारी कीर्तिनगर पंकज भट्ट** ने स्थल को सील कर दिया। निरीक्षण में आपातकालीन चिकित्सा उपकरण नहीं मिले और पार्किंग की व्यवस्था न होने से वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े पाए गए।

पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए **एसडीएम पंकज भट्ट द्वारा की गई यह कार्रवाई सराहनीय** है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि साहसिक पर्यटन गतिविधियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सील किए गए स्थल को जम्प मास्टर अनूप सिंह की सुपुर्दगी में दिया गया है। बिना अनुमति बंजी जंपिंग संचालित करने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कौन है पंकज भट्ट
पंकज भट्ट ने यूपीपीएससी 2021 परीक्षा में तीसरा स्थान प्राप्त किया और उप कलेक्टर का पद हासिल किया ।
दस वर्षों की असफलता के बाद डिप्टी कलेक्टर के पद पर तीसरा रैंक हासिल करने वाले पंकज भट्ट की कहानी धैर्य की एक उत्कृष्ट मिसाल है। उनका सफर यह दर्शाता है कि अटूट धैर्य और आत्मविश्वास किस प्रकार परीक्षा में सफलता और उम्मीदवार की पृष्ठभूमि से जुड़े पारंपरिक बहाने को ध्वस्त कर सकते हैं।
साक्षात्कार के मुख्य अंश
पृष्ठभूमि एवं प्रेरणा: मूल रूप से अल्मोड़ा के निवासी और वर्तमान में हल्द्वानी में रहने वाले पंकज ने भौतिकी में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है। राज्य के नौकरशाहों, विशेष रूप से पूर्व डीएम मंगेश घिल्डियाल से बातचीत के बाद उन्हें सिविल सेवा में शामिल होने की प्रेरणा मिली।
असफलता पर विजय: पंकज ने 8-10 वर्षों तक कई मुख्य परीक्षाओं में बैठने के अपने अनुभव को साझा किया, जिसमें उन्हें शुरुआत में सफलता नहीं मिली। उन्होंने धैर्य, परिवार/मित्रों के सहयोग और सकारात्मक सोच बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के बारे में फैली भ्रांति: पंकज ने इस आम धारणा का खंडन किया है कि सिविल सेवाओं में अंग्रेजी माध्यम से परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को काफी फायदा होता है। उन्होंने समझाया कि सफलता परीक्षा की भाषा पर नहीं, बल्कि विषयवस्तु की गुणवत्ता, प्रस्तुति और लेखन कौशल पर निर्भर करती है।
तैयारी की रणनीति
प्रारंभिक परीक्षा: इसमें शॉर्टकट के बजाय मानक पुस्तकों (एनसीईआरटी) पर ध्यान केंद्रित किया गया और पिछले 10 वर्षों के पिछले वर्ष के प्रश्नों (पीवाईक्यू) को हल करने पर अत्यधिक महत्व दिया गया।
मुख्य परीक्षा: पाठ्यक्रम को पूरा करने, संक्षिप्त पुनरावलोकन नोट्स बनाने और परीक्षा की परिस्थितियों में पूर्ण प्रश्नपत्र लिखकर समय प्रबंधन का अभ्यास करने को प्राथमिकता दी गई।
लेखन कौशल: वे शब्दावली में सुधार के लिए संपादकीय और गुणवत्तापूर्ण साहित्य पढ़ने और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिदिन उत्तर लेखन का अभ्यास करने का सुझाव देते हैं।
अद्यतन पाठ्यक्रम
ukpsc के पाठ्यक्रम में हाल ही में हुए बदलावों – विशेष रूप से उत्तराखंड आधारित विषयों के बढ़ते महत्व – को देखते हुए, वे उम्मीदवारों को क्षेत्रीय इतिहास, भूगोल और संस्कृति पर गहराई से ध्यान केंद्रित करने की सलाह देते हैं, जो हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए एक बड़ा लाभ हो सकता है।
योजना बनाने का महत्व: पंकज बताते हैं कि “प्लान बी” (जैसे कि अध्यापन) होने से उन्हें लंबी परीक्षा अवधि के तनाव को प्रबंधित करने और अपने करियर की संभावनाओं को सुरक्षित रखने में मदद मिली।
उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए अपनी बात समाप्त की कि यद्यपि यह यात्रा चुनौतीपूर्ण है, लेकिन सिविल सेवाओं की तैयारी की प्रक्रिया एक उम्मीदवार को अधिक परिपक्व बनाती है और एक मूल्यवान जीवन अनुभव के रूप में काम करती है।

