- राष्ट्रीय सहारा देहरादून प्रशासन ने किया सील
– कर्मचारियों को वेतन न देने पर की गयी कार्रवाई
– प्रिंटिंग प्रेस, जनरेटर, कम्प्यूटर आदि की होगी नीलामी
देहरादून जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय सहारा की समस्त संपत्तियों को सील कर दिया है। अमीन और पुलिस ने मौके पर पहुंच कर संपत्तियों को सील कर दिया। अब जिला प्रशासन इस संपत्ति की नीलामी करेगा और इससे अर्जित आय को कर्मचारियों में बांट दिया जाएगा। इससे पहले जिला प्रशासन ने सहारा प्रबंधन को नोटिस जारी किया था कि कर्मचारियों का वेतन दिया जाएं। लेबर विभाग ने आरसी भी काटी थी, लेकिन सहारा प्रबंधन ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया न ही कर्मचारियों को वेतन ही दिया। वेतन न मिलने और अचानक अखबार के बंद होने से सहारा के कई कर्मी बेरोजगारी और भुखमरी के कगार पर पहुंच गये हैं। इस बीच एक कर्मचारी को कैंसर डिटेक्ट हुआ है।
उधर, प्रबंधन ने प्रशासन के नोटिस मिलने के बाद चुपके से सहारा के कुछ सामान को गायब कर दिया और गुप्त रूप् से आफिस चलाना शुरू कर दिया है। यह आफिस इसलिए चलाया जा रहा है ताकि बाजार में विज्ञापन की रिकवरी की जा सके। सहाराकर्मियों के अनुसार रिकवरी पूरी तरह से गैर-कानूनी है। जब कंपनी का अस्तित्व ही खत्म हो गया है तो रिकवरी नहीं की जा सकती है। सहाराकर्मियों के मुताबिक रिकवरी की पूरी रकम प्रबंधन के लोग आपस में बांट रहे हैं। इससे कंपनी को कोई लाभ नहीं है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय सहारा ने आठ जनवरी को अचानक ही अखबार का प्रकाशन बंद कर दिया। संस्थान ने चार महीने पहले से ही कर्मचारियों को वेतन देना बंद कर दिया था और अखबार बंद करने के बाद भी कर्मचारियों को कोई भुगतान नहीं किया। इसके बाद लेबर डिपार्टमेंट ने आरसी और तालाबंदी की कार्रवाई की है।

