चमियाला नगर पंचायत कार्यालय। बिलों की कथित अनियमितताओं और शिकायत पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड | Tehri Satya News
चमियाला नगर पंचायत में बिलों की कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं होने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता एवं पत्रकार दिनेश सिंह पंवार के अनुसार, इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी को शिकायत भेजी गई थी। साथ ही, मामले से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए सूचना का अधिकार (RTI) के तहत भी आवेदन किया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि लगभग एक साल बीतने के बाद भी उन्हें कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। ऐसे में नगर पंचायत के कामकाज, सरकारी धन के उपयोग और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
क्या है चमियाला नगर पंचायत का मामला?
शिकायतकर्ता के अनुसार, नगर पंचायत से संबंधित पड़ताल के दौरान कुछ बिल सामने आए, जिनकी जिम्मेदारी और औचित्य को लेकर सवाल उठाए गए। इस मामले में संबंधित दस्तावेजों की जाँच और आधिकारिक स्पष्टीकरण की आवश्यकता है।
हालाँकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर बिलों में अनियमितता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित अभिलेखों और प्रशासन के आधिकारिक जवाब से ही स्पष्ट हो सकेगी।
मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से की गई शिकायत
शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत रखी गई। इसके अलावा, सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी माँगकर मामले से जुड़े तथ्यों को सामने लाने का प्रयास किया गया।
अब प्रमुख सवाल यह है कि शिकायत संबंधित विभाग तक पहुँची या नहीं, उस पर क्या कार्रवाई हुई और RTI आवेदन के जवाब में कौन-सी जानकारी उपलब्ध कराई गई।
एक साल बाद भी कार्रवाई की स्थिति पर सवाल
यदि शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई है या शिकायतकर्ता को उसकी स्थिति की जानकारी नहीं मिली है, तो संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण माँगा जाना उचित है। शिकायत पर की गई कार्रवाई, जाँच की स्थिति और उपलब्ध अभिलेखों की जानकारी सार्वजनिक होने से मामले में पारदर्शिता बढ़ सकती है।
निष्पक्ष जाँच की मांग
शिकायतकर्ता दिनेश सिंह पंवार ने मामले की निष्पक्ष जाँच कराने और जाँच में अनियमितता प्रमाणित होने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय निकायों में सरकारी धन के उपयोग से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। शिकायत पर निष्पक्ष जाँच तथा तथ्यों पर आधारित आधिकारिक जवाब से ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
रिपोर्ट: दिनेश सिंह पंवार
रिपोर्टर एवं एडिटर — टिहरी सत्य (Tehri Satya)
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