टिहरी कलक्ट्रेट में एनसीओआरडी की मासिक बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी। फोटो: जिला सूचना कार्यालय, टिहरी गढ़वाल।
अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश, सितंबर में एनडीपीएस के तहत 3 मुकदमे दर्ज, 5 आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट: दिनेश सिंह पंवार | टिहरी सत्य
टिहरी गढ़वाल, 23 अक्टूबर 2026। टिहरी गढ़वाल में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय एनसीओआरडी (नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर) की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब की बिक्री, मेडिकल स्टोरों की जांच और नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान की समीक्षा की गई।
अवैध कारोबारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
बैठक में अपर जिलाधिकारी ने पुलिस, राजस्व और आबकारी विभाग को आपसी समन्वय से नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। त्योहारों को देखते हुए छापेमारी बढ़ाने तथा दूरस्थ और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भांग की खेती की निगरानी कर अवैध खेती को नष्ट करने के लिए उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया।
उन्होंने बार-बार अवैध शराब एवं मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध गुंडा अधिनियम, जिला बदर और पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।
सितंबर में पांच आरोपी गिरफ्तार
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, सितंबर माह में एनडीपीएस अधिनियम के तहत तीन अभियोग दर्ज किए गए और पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान स्मैक और चरस भी बरामद की गई।
वहीं, आबकारी अधिनियम के तहत आठ अभियोग दर्ज कर आठ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान के तहत एएनटीएफ टीमों ने 50 कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें 2,636 छात्र-छात्राओं और 2,398 स्थानीय लोगों ने प्रतिभाग किया।
इसके अतिरिक्त, कोटपा अधिनियम के तहत 180 चालान किए गए और 5,840 रुपये का संयोजन शुल्क प्राप्त किया गया।
मेडिकल स्टोरों की होगी नियमित जांच
मेडिकल स्टोरों में दवाओं की बिक्री व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अपर जिलाधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर को नियमित निरीक्षण और आकस्मिक छापेमारी करने के निर्देश दिए। बिना लाइसेंस संचालित दुकानों तथा प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री के मामलों में कार्रवाई करने को कहा गया।
उन्होंने जनपद में पंजीकृत मेडिकल स्टोरों की कुल संख्या, सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जानकारी भी मांगी, ताकि मेडिकल स्टोरों की निगरानी को प्रभावी बनाया जा सके।
शिक्षण संस्थानों में सक्रिय होंगी एंटी ड्रग कमेटियां
शिक्षा और पुलिस विभाग को सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग कमेटियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए। नशे की लत से प्रभावित विद्यार्थियों की पहचान कर उनकी काउंसलिंग कराने और नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई पर जोर दिया गया।
इसके साथ ही नशा मुक्ति केंद्रों से लौटने वाले युवाओं की निगरानी, मानस पोर्टल-1933 और ‘ड्रग फ्री कैंपस’ अभियान का प्रचार-प्रसार करने तथा प्रांतीय रक्षक दल और माई भारत की टीमों के माध्यम से यूथ क्लबों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
गांवों में भी चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
बैठक में बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति, रानीचौरी की ओर से सितंबर माह में ग्राम बड़कोट, ग्राम सभा जाखणीधार में नशा मुक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई और ग्राम सुधार समिति का गठन भी किया गया।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम प्रकाश, डॉ. अमलेश कुमार सिंह, साइकोलॉजिस्ट डॉ. रीना सिंह, आबकारी निरीक्षक भारत प्रसाद, ड्रग इंस्पेक्टर ऋषभ धामा, पुलिस विभाग से संगीता शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
संपादकीय टिप्पणी: नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए केवल छापेमारी ही नहीं, बल्कि युवाओं की काउंसलिंग, पुनर्वास, मेडिकल स्टोरों की नियमित निगरानी और समाज की भागीदारी भी जरूरी है। प्रशासन के इन प्रयासों का वास्तविक असर तभी दिखाई देगा, जब नशे की आपूर्ति पर प्रभावी रोक लगेगी और प्रभावित युवाओं को समय पर सहायता मिलेगी।
साभार: जिला सूचना कार्यालय, टिहरी गढ़वाल
प्रकाशन: टिहरी सत्य | संपादक एवं रिपोर्टर: दिनेश सिंह पंवार