मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा निर्देश: राजस्व वसूली के लिए AI तकनीक का होगा इस्तेमाल, लक्ष्य समय पर पूरा करने की चेतावनी
देहरादून में हुई राजस्व प्राप्ति की समीक्षा बैठक; टिहरी जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल भी वर्चुअल माध्यम से हुईं शामिल
देहरादून/टिहरी (tehrisatya.com): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को देहरादून में आयोजित वित्तीय वर्ष 2025-26 की राजस्व समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि राजस्व वसूली के लक्ष्यों में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कर चोरी रोकने के लिए AI और डिजिटाइजेशन पर जोर
मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि कर चोरी (Tax Evasion) पर लगाम लगाने के लिए एआई (Artificial Intelligence) आधारित तकनीक का अधिकतम प्रयोग किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- निबंधन एवं रजिस्ट्रेशन से जुड़े सभी कार्यों को पूरी तरह डिजिटलाइज किया जाए।
- सब रजिस्ट्रार कार्यालयों का जिलाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी नियमित निरीक्षण करें।
- रजिस्ट्री के दौरान संपत्ति का सही मूल्य सुनिश्चित करने के लिए स्थलीय निरीक्षण (Spot Verification) अनिवार्य रूप से किया जाए।
ग्रीन सेस और वन संपदा का सही उपयोग
बैठक में परिवहन विभाग को ग्रीन सेस की वसूली तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राज्य की वन संपदा का सही दोहन जरूरी है। तराई क्षेत्रों में कमर्शियल प्लांटेशन और जड़ी-बूटी उत्पादन के लिए ठोस नीति बनाने पर सहमति बनी।
उत्तराखंड को मिली ₹200 करोड़ की प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री ने जानकारी साझा की कि खनन सुधारों में बेहतर प्रदर्शन के कारण केंद्र सरकार से उत्तराखंड को ₹200 करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। यह राज्य के सही दिशा में बढ़ने का प्रमाण है।
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इसे साकार करने के लिए हमें संसाधन वृद्धि को मिशन मोड में लेना होगा।” – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
टिहरी गढ़वाल की सक्रिय भागीदारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में टिहरी गढ़वाल की जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल और उनकी राजस्व टीम ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया। जिले में राजस्व वसूली की स्थिति और लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर मुख्यमंत्री ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वित्तीय लक्ष्य और वर्तमान स्थिति
- कुल लक्ष्य (2025-26): ₹24,015 करोड़।
- अब तक की प्राप्ति: 62% से अधिक।
- पूंजीगत व्यय में वृद्धि: 34% (इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए)।



