TEHRI SATYA NEWS
बेंगलुरु/हल्द्वानी। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर चल रहे विवाद में बेंगलुरु की विधान सौधा पुलिस ने उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट समेत भाजपा के कुछ अन्य पदाधिकारियों/सदस्यों के खिलाफ Zero FIR दर्ज की है। FIR 4 सितंबर 2026 को दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मामला 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद का है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 10 अगस्त को उसी स्थल पर कथित रूप से ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान किया गया। शिकायतकर्ता टी.आर. रामप्पा ने इसे जातिगत भेदभाव से जोड़ते हुए आपत्ति जताई है।
महेंद्र भट्ट की भूमिका को लेकर क्या आरोप है?
रिपोर्टों के अनुसार, FIR में महेंद्र भट्ट का नाम इस संदर्भ में आया है कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम का बचाव किया था। भट्ट की ओर से इस पूरे मामले को अलग संदर्भ में बताया गया है। उनका कहना रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर गंदगी और ऐसे नारे/गतिविधियां हुई थीं, जिन्हें रामलीला मैदान की धार्मिक प्रकृति के अनुरूप नहीं माना गया। आयोजकों और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से भी जातिगत उद्देश्य के आरोपों से इनकार किया गया है।
किन धाराओं में मामला दर्ज?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, Zero FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(b), SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की धारा 3(1)(u) तथा Protection of Civil Rights Act, 1955 के प्रावधान शामिल किए गए हैं।
बेंगलुरु में दर्ज की गई Zero FIR को आगे संबंधित क्षेत्राधिकार वाली उत्तराखंड पुलिस को भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है, ताकि मामले की आगे जांच की जा सके।
राजनीतिक विवाद भी तेज
इस मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। कांग्रेस ने कथित शुद्धिकरण को जातिगत भेदभाव और अपमान से जोड़कर कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, भाजपा की ओर से इस आरोप को खारिज करते हुए कार्यक्रम को स्थल की सफाई/धार्मिक कारणों से जोड़ा गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को पत्र लिखा था।
⚖️ कानूनी स्थिति
महत्वपूर्ण: किसी व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज होना दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। FIR में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जानी है और अंतिम जिम्मेदारी/दोष का निर्धारण सक्षम न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
Tehri Satya का निष्पक्ष निष्कर्ष:
“महेंद्र भट्ट समेत अन्य के खिलाफ बेंगलुरु में Zero FIR दर्ज हुई है; मामला हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम से जुड़ा है। आरोपों और उनके जवाब दोनों सामने आए हैं तथा मामले की जांच अभी बाकी है।”



