नई टिहरी, 03 जुलाई 2026। टिहरी गढ़वाल प्रशासन ने स्टाम्प शुल्क अपवंचन के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार प्रकरणों में कुल ₹1,89,99,840 की शास्ति अधिरोपित की है। यह निर्णय अपर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल शैलेंद्र सिंह नेगी के न्यायालय द्वारा सुनवाई के उपरांत दिया गया।
न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि ग्राम तपोवन, टिहरी गढ़वाल स्थित भूमि के विक्रय विलेख पंजीकरण के समय संबंधित पक्षों ने भूमि को खाली दर्शाकर रजिस्ट्री कराई थी, जबकि स्थानीय निरीक्षण में उक्त भूमि पर सात मंजिला फ्लैट निर्मित पाए गए।
न्यायालय ने इसे भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की धारा 47ए के अंतर्गत स्टाम्प शुल्क की अपवंचना माना और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित पक्षों पर शास्ति अधिरोपित की।
प्रत्येक मामले में ₹47.49 लाख की शास्ति
अपर जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा चारों मामलों में स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त विक्रय विलेख निष्पादन की तिथि से निर्णय की तिथि तक 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से अधिभार सहित प्रत्येक प्रकरण में ₹47,49,960 की शास्ति निर्धारित की गई है।
इन व्यक्तियों से जुड़े हैं मामले
स्टाम्प शुल्क अपवंचन के ये चार मामले निम्न व्यक्तियों से संबंधित हैं—
- अंकित भाटिया
- नितेश कुमार
- पंकज शर्मा
- नितेश कुमार एवं अंकित भाटिया
जांच में इन सभी मामलों में विक्रय विलेख पंजीकरण के दौरान स्टाम्प शुल्क की अपवंचना पाई गई।
कुल ₹1.90 करोड़ की शास्ति
न्यायालय के आदेश के अनुसार चारों मामलों में कुल ₹1,89,99,840 (एक करोड़ नवासी लाख निन्यानवे हजार आठ सौ चालीस रुपये) की शास्ति अधिरोपित की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्टाम्प शुल्क से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी तथा राजस्व हितों को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचने दी जाएगी।
— Tehri Satya News




