सक्ति जिले में बॉयलर विस्फोट के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सुरक्षा लापरवाही के आरोपों पर SIT जांच शुरू
छत्तीसगढ़ के Chhattisgarh राज्य के Sakti district स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण विस्फोट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए Vedanta Group के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 19 लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। इस हादसे में 20 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार यह हादसा प्लांट के बॉयलर-टर्बाइन सेक्शन में हाई-प्रेशर स्टीम पाइप फटने के कारण हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही कई लोगों की मौत हो गई। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी में प्रबंधन स्तर पर लापरवाही और सुरक्षा मानकों के पालन में गंभीर कमी को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि प्लांट में तकनीकी निगरानी और नियमित मेंटेनेंस में पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई थी, जिससे हादसा और अधिक गंभीर हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर दी है। साथ ही मजिस्ट्रियल जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इस घटना के बाद औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित परिवारों को उचित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
यह हादसा देशभर में औद्योगिक सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को फिर से उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े उद्योगों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन ही ऐसे हादसों को रोक सकता है।
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